Alif-Laaam-Meeem-Raa; tilka Aayaatul Kitaab; wallazee unzila ilaika mir Rabbikal haqqu wa laakinna aksaran naasi laa yu'minoon
अलिफ़ लाम मीम रा ये किताब (क़ुरान) की आयतें है और तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से जो कुछ तुम्हारे पास नाज़िल किया गया है बिल्कुल ठीक है मगर बहुतेरे लोग ईमान नहीं लाते
ख़ुदा वही तो है जिसने आसमानों को जिन्हें तुम देखते हो बग़ैर सुतून (खम्बों) के उठाकर खड़ा कर दिया फिर अर्श (के बनाने) पर आमादा हुआ और सूरज और चाँद को (अपना) ताबेदार बनाया कि हर एक वक्त मुक़र्ररा तक चला करते है वही (दुनिया के) हर एक काम का इन्तेज़ाम करता है और इसी ग़रज़ से कि तुम लोग अपने परवरदिगार के सामने हाज़िर होने का यक़ीन करो
Wa Huwal lazee maddal arda wa ja'ala feehaa rawaasiya wa anhaaraa; wa min kullis samaraati ja'ala feehaa zawjainis yaini Yughshil lailan nahaar; inna fee zaalika la aayaatil liqawminy yatafakkaroon
(अपनी) आयतें तफसीलदार बयान करता है और वह वही है जिसने ज़मीन को बिछाया और उसमें (बड़े बड़े) अटल पहाड़ और दरिया बनाए और उसने हर तरह के मेवों की दो दो किस्में पैदा की (जैसे खट्टे मीठे) वही रात (के परदे) से दिन को ढाक देता है इसमें शक़ नहीं कि जो लोग और ग़ौर व फिक्र करते हैं उनके लिए इसमें (कुदरत खुदा की) बहुतेरी निशानियाँ हैं
Wa fil ardi qita'um muta jaawiraatunw wa jannaatum min a'naabinw wa zar'unw wa nakheelun sinwaanunw wa ghairu sinwaaniny yusqaa bimaaa'inw waahid; wa nufaddilu ba'dahaa 'alaa ba'din fil-ukul; inna fee zaalika la aayaatil liqawminy ya'qiloon
और खुरमों (खजूर) के दरख्त की एक जड़ और दो याखें और बाज़ अकेला (एक ही याख़ का) हालॉकि सब एक ही पानी से सीचे जाते हैं और फलों में बाज़ को बाज़ पर हम तरजीह देते हैं बेशक जो लोग अक़ल वाले हैं उनके लिए इसमें (कुदरत खुदा की) बहुतेरी निशानियाँ हैं
Wa in ta'jab fa'ajabun qawluhm 'a-izaa kunna turaaban 'a-inna lafee khalqin jadeed; ulaaa 'ikal lazeena kafaroo bi Rabbihim wa ulaaa'ikal aghlaalu feee a'naaqihim wa ulaa'ika Ashaabun Naari hum feehaa khaalidoon
और अगर तुम्हें (किसी बात पर) ताज्जुब होता है तो उन कुफ्फारों को ये क़ौल ताज्जुब की बात है कि जब हम (सड़गल कर) मिट्टी हो जाएंगें तो क्या हम (फिर दोबारा) एक नई जहन्नुम में आंऎंगें ये वही लोग हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार के साथ कुफ्र किया और यही वह लोग हैं जिनकी गर्दनों में (क़यामत के दिन) तौक़ पड़े होगें और यही लोग जहन्नुमी हैं कि ये इसमें हमेशा रहेगें
Wa yasta'jiloonaka bis saiyi'ati qablal hasanati wa qad khalat min qablihimul masulaat; wa inna Rabbaka lazoo maghfiratil linnaasi 'alaa zulmihim wa inna Rabbaka lashadeedul 'iqaab
और (ऐ रसूल) ये लोग तुम से भलाई के क़ब्ल ही बुराई (अज़ाब) की जल्दी मचा रहे हैं हालॉकि उनके पहले (बहुत से लोगों की) सज़ाएं हो चुकी हैं और इसमें शक़ नहीं की तुम्हारा परवरदिगार बावजूद उनकी शरारत के लोगों पर बड़ा बख़शिश (करम) वाला है और इसमें भी शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन सख्त अज़ाब वाला है
Wa yaqoolul lazeena kafaroo law laaa unzila 'alaihi Aayatum mir Rabbih; innamaaa anta munzirunw wa likulli qawmin haad
और वो लोग काफिर हैं कहते हैं कि इस शख़्श (मोहम्मद) पर उसके परवरदिगार की तरफ से कोई निशानी (हमारी मर्ज़ी के मुताबिक़) क्यों नहीं नाज़िल की जाती ऐ रसूल तुम तो सिर्फ (ख़ौफे ख़ुदा से) डराने वाले हो
Allaahu ya'lamu maa tahmilu kullu unsaa wa maa tagheedul arhaamu wa maa tazdaad, wa kullu shai'in 'indahoo bimiqdaar
और हर क़ौम के लिए एक हिदायत करने वाला है हर मादा जो कि पेट में लिए हुए है और उसको ख़ुदा ही जानता है व बच्चा दानियों का घटना बढ़ना (भी वही जानता है) और हर चीज़ उसके नज़दीक़ एक अन्दाजे से है
Sawaaa'um minkum man asarral qawla wa man jahara bihee wa man huwa mustakhfim billaili wa saaribum binnahaar
तुम लोगों में जो कोई चुपके से बात कहे और जो शख़्श ज़ोर से पुकार के बोले और जो शख़्श रात की तारीक़ी (अंधेरे) में छुपा बैठा हो और जो शख़्श दिन दहाडें चला जा रहा हो
Lahoo mu'aqqibaatum mim baini yadaihi wa min khalfihee yahfazoonahoo min amril laah; innal laaha laa yughaiyiru maa biqawmin hattaa yughaiyiroo maa bianfusihim; wa izaaa araadal laahu biqawmin sooo'an falaa maradda lah; wa maa lahum min dooniheeminw waal
(उसके नज़दीक) सब बराबर हैं (आदमी किसी हालत में हो मगर) उस अकेले के लिए उसके आगे उसके पीछे उसके निगेहबान (फरिश्ते) मुक़र्रर हैं कि उसको हुक्म ख़ुदा से हिफाज़त करते हैं जो (नेअमत) किसी क़ौम को हासिल हो बेशक वह लोग खुद अपनी नफ्सानी हालत में तग्य्युर न डालें ख़ुदा हरगिज़ तग्य्युर नहीं डाला करता और जब ख़ुदा किसी क़ौम पर बुराई का इरादा करता है तो फिर उसका कोई टालने वाला नहीं और न उसका उसके सिवा कोई वाली और (सरपरस्त) है
Wa yusabbihur ra'du bihamdihee walmalaaa'ikatu min kheefatihee wa yursilus sawaa'iqa fa yuseebu bihaa mai yashaaa'u wa hum yujaadiloona fil laahi wa Huwa shadeedul mihaal
और ग़र्ज और फरिश्ते उसके ख़ौफ से उसकी हम्दो सना की तस्बीह किया करते हैं वही (आसमान से) बिजलियों को भेजता है फिर उसे जिस पर चाहता है गिरा भी देता है और ये लोग ख़ुदा के बारे में (ख्वामाख्वाह) झगड़े करते हैं हालॉकि वह बड़ा सख्त क़ूवत वाला है
Lahoo da'watul haqq; wallazeena yad'oona min doonihee laa yastajeeboona lahum bishai'in illaa kabaasiti kaffaihi ilal maaa'i liyablugha faahu wa maa huwa bibaalighih; wa maa du'aaa'ul aafireena illaa fee dalaal
(मुसीबत के वक्त) उसी का (पुकारना) ठीक पुकारना है और जो लोग उसे छोड़कर (दूसरों को) पुकारते हैं वह तो उनकी कुछ सुनते तक नहीं मगर जिस तरह कोई शख़्श (बग़ैर उंगलियां मिलाए) अपनी दोनों हथेलियाँ पानी की तरफ फैलाए ताकि पानी उसके मुँह में पहुँच जाए हालॉकि वह किसी तरह पहुँचने वाला नहीं और (इसी तरह) काफिरों की दुआ गुमराही में (पड़ी बहकी फिरा करती है)
Wa lillaahi yasjudu man fis samaawaati wal ardi taw 'anw wa karhanw wa zilaaluhum bilghuduwwi wal aasaal
और आसमानों और ज़मीन में (मख़लूक़ात से) जो कोई भी है खुशी से या ज़बरदस्ती सब (अल्लाह के आगे सर बसजूद हैं और (इसी तरह) उनके साए भी सुबह व शाम (सजदा करते हैं) (15) (सजदा)
Wul mar Rabbus samaawaati wal ard; qulillaah; qul afattakhaztum min dooniheee awliyaaa'a laa yamlikoona li anfusihim naf'anw wa laa darraa; qul hal yastawil a'maa wal baseeru am hal tastawiz zulumaatu wannoor; am ja'aloo lillaahi shurakaaa'a khalaqoo kakhalqihee fatashaa bahal khalqu 'alaihim; qulil laahu Khaaliqu kulli shai'inw wa Huwal Waahidul Qahhar
(ऐ रसूल) तुम पूछो कि (आख़िर) आसमान और ज़मीन का परवरदिगार कौन है (ये क्या जवाब देगें) तुम कह दो कि अल्लाह है (ये भी कह दो कि क्या तुमने उसके सिवा दूसरे कारसाज़ बना रखे हैं जो अपने लिए आप न तो नफे पर क़ाबू रखते हैं न ज़रर (नुकसान) पर (ये भी तो) पूछो कि भला (कहीं) अन्धा और ऑंखों वाला बराबर हो सकता है (हरगिज़ नहीं) (या कहीं) अंधेरा और उजाला बराबर हो सकता है (हरगिज़ नहीं) इन लोगों ने ख़ुदा के कुछ शरीक़ ठहरा रखे हैं क्या उन्होनें ख़ुदा ही की सी मख़लूक़ पैदा कर रखी है जिनके सबब मख़लूकात उन पर मुशतबा हो गई है (और उनकी खुदाई के क़ायल हो गए) तुम कह दो कि ख़ुदा ही हर चीज़ का पैदा करने वाला और वही यकता और सिपर (सब पर) ग़ालिब है
Anzala minas samaaa'i maaa'an fasaalat awdiyatum biqadarihaa fahtamalas sailu zabadar raabiyaa; wa mimmmaa yooqidoona 'alaihi fin naarib tighaaa'a bilyatin aw mataa'in zabadum misluh; kazaalika yadribul laahul haqqa wal baatil; fa ammaz zabadu fa yazhabu jufaaa'aa; wa ammaa maa yanfa'un naasa fa yamkusu fil ard; kazaalika yadribul laahul amsaal
उसी ने आसमान से पानी बरसाया फिर अपने अपने अन्दाज़े से नाले बह निकले फिर पानी के रेले पर (जोश खाकर) फूला हुआ झाग (फेन) आ गया और उस चीज़ (धातु) से भी जिसे ये लोग ज़ेवर या कोई असबाब बनाने की ग़रज़ से आग में तपाते हैं इसी तरह फेन आ जाता है (फिर अलग हो जाता है) युं ख़ुदा हक़ व बातिल की मसले बयान फरमाता है (कि पानी हक़ की मिसाल और फेन बातिल की) ग़रज़ फेन तो खुश्क होकर ग़ायब हो जाता है जिससे लोगों को नफा पहुँचता है (पानी) वह ज़मीन में ठहरा रहता है युं ख़ुदा (लोगों के समझाने के वास्ते) मसले बयान फरमाता है
Lillazeenas tajaaboo lirabbihimul husnaa; wallazeena lam yastajeeboo lahoo law anna lahum maa fil ardi jamee'anw wa mislahoo ma'ahoo laftadaw bih; ulaaa'ika lahum sooo'ul hisaab; wa maawaahum Jahannamu wa bi'sal mihaad
जिन लोगों ने अपने परवरदिगार का कहना माना उनके लिए बहुत बेहतरी है और जिन लोगों ने उसका कहा न माना (क़यामत में उनकी ये हालत होगी) कि अगर उन्हें रुए ज़मीन के सब ख़ज़ाने बल्कि उसके साथ इतना और मिल जाए तो ये लोग अपनी नजात के बदले उसको (ये खुशी) दे डालें (मगर फिर भी कोई फायदा नहीं) यही लोग हैं जिनसे बुरी तरह हिसाब लिया जाएगा और आख़िर उन का ठिकाना जहन्नुम है और वह क्या बुरी जगह है
Afamai ya'lamu annamaaa unzila ilaika mir Rabbikal haqqu kaman huwa a'maa; innamaa yatazakkaru ulul albaab
(ऐ रसूल) भला वह शख़्श जो ये जानता है कि जो कुछ तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाज़िल हुआ है बिल्कुल ठीक है कभी उस शख़्श के बराबर हो सकता है जो मुत्तलिक़ (पूरा) अंधा है (हरगिज़ नहीं)
Wallazeena yasiloona maaa amaral laahu bihee an yoosala wa yakhshawna Rabbahum wa yakhaafoona sooo'al hisaab
(ये) वह लोग हैं कि जिन (ताल्लुक़ात) के क़ायम रखने का ख़ुदा ने हुक्म दिया उन्हें क़ायम रखते हैं और अपने परवरदिगार से डरते हैं और (क़यामत के दिन) बुरी तरह हिसाब लिए जाने से ख़ौफ खाते हैं
Wallazeena sabarub tighaaa'a Wajhi Rabbihim wa aqaamus Salaata wa anfaqoo mimmaa razaqnaahum sirranw wa 'alaaniyatanw wa yadra'oona bilhasanatis saiyi'ata ulaaa'ika lahum 'uqbad daar
और (ये) वह लोग हैं जो अपने परवरदिगार की खुशनूदी हासिल करने की ग़रज़ से (जो मुसीबत उन पर पड़ी है) झेल गए और पाबन्दी से नमाज़ अदा की और जो कुछ हमने उन्हें रोज़ी दी थी उसमें से छिपाकर और खुल कर ख़ुदा की राह में खर्च किया और ये लोग बुराई को भी भलाई स दफा करते हैं -यही लोग हैं जिनके लिए आख़िरत की खूबी मख़सूस है
jannaatu 'adiny yadkhu loonahaa wa man salaha min aabaaa'ihim wa man salaha min aabaaa'ihim wa azwaajihim wa zurriyyaatihim walmalaaa'i katu yadkhuloona 'alaihim min kulli baab
(यानि) हमेशा रहने के बाग़ जिनमें वह आप जाएॅगे और उनके बाप, दादाओं, बीवियों और उनकी औलाद में से जो लोग नेको कार है (वह सब भी) और फरिश्ते बेहश्त के हर दरवाजे से उनके पास आएगें
Wallazeena yanqudoona 'Ahdal laahi mim ba'di meesaaqihee wa yaqta'oona maaa amaral laahu biheee ai yoosala wa yufsidoona fil ardi ulaaa'ika lahumul la'natu wa lahum sooo'ud daar
और जो लोग ख़ुदा से एहद व पैमान को पक्का करने के बाद तोड़ डालते हैं और जिन (तालुकात बाहमी) के क़ायम रखने का ख़ुदा ने हुक्म दिया है उन्हें क़तआ (तोड़ते) करते हैं और रुए ज़मीन पर फ़साद फैलाते फिरते हैं ऐसे ही लोग हैं जिनके लिए लानत है और ऐसे ही लोगों के वास्ते बड़ा घर (जहन्नुम) है
Allaahu yabsutur rizqa limai yashaaa'u wa yaqdir; wa farihoo bilhayaatid dunyaa wa mal hayaatud dunya fil Aakhirati illaa mataa'
और ख़ुदा ही जिसके लिए चाहता है रोज़ी को बढ़ा देता है और जिसके लिए चाहता है तंग करता है और ये लोग दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी पर बहुत निहाल हैं हालॉकि दुनियावी ज़िन्दगी (नईम) आख़िरत के मुक़ाबिल में बिल्कुल बेहकीक़त चीज़ है
Wa yaqoolul lazeena kafaroo law laaa unzila 'alaihi Aayatum mir Rabbih; qul innal laaha yudillu mai yashaa'u wa yahdeee ilaihi man anaab
और जिन लोगों ने कुफ्र एख़तियार किया वह कहते हैं कि उस (शख्स यानि तुम) पर हमारी ख्वाहिश के मुवाफिक़ कोई मौजिज़ा उसके परवरदिगार की तरफ से क्यों नहीं नाज़िल होता तुम उनसे कह दो कि इसमें शक़ नहीं कि ख़ुदा जिसे चाहता है गुमराही में छोड़ देता है
और जिसने उसकी तरफ रुज़ू की उसे अपनी तरफ पहुँचने की राह दिखाता है (ये) वह लोग हैं जिन्होंने ईमान कुबूल किया और उनके दिलों को ख़ुदा की चाह से तसल्ली हुआ करती है
Kazaalika arsalnaaka feee ummatin qad khalat min qablihaaa umamul litatluwa 'alaihimul lazeee awhainaaa ilaika wa hum yakfuroona bir Rahmaaan; qul Huwa Rabbee laaa ilaaha illaa Huwa Rabbee laaa ilaaha illaa Huwa 'alaihi tawakkaltu wa ilaihi mataab
(ऐ रसूल जिस तरह हमने और पैग़म्बर भेजे थे) उसी तरह हमने तुमको उस उम्मत में भेजा है जिससे पहले और भी बहुत सी उम्मते गुज़र चुकी हैं -ताकि तुम उनके सामने जो क़ुरान हमने वही के ज़रिए से तुम्हारे पास भेजा है उन्हें पढ़ कर सुना दो और ये लोग (कुछ तुम्हारे ही नहीं बल्कि सिरे से) ख़ुदा ही के मुन्किर हैं तुम कह दो कि वही मेरा परवरदिगार है उसके सिवा कोई माबूद नहीं मै उसी पर भरोसा रखता हूँ और उसी तरफ रुज़ू करता हूँ
Wa law anna Quraanan suyyirat bihil jibaalu aw qutti'at bihil ardu aw kullima bihil mawtaa; bal lillaahil amru jamee'aa; afalam yai'asil lazeena aamanooo al law yashaaa 'ullaahu lahadan naasa jamee'aa; wa laa yazaalul lazeena kafaroo tuseebuhum bimaa sana'oo qaari'atun aw tahullu qareebam min daarihim hatta yaatiya wa'dul laah; innal laaha laa yukhliful mee'aad
और अगर कोई ऐसा क़ुरान (भी नाज़िल होता) जिसकी बरकत से पहाड़ (अपनी जगह) चल खड़े होते या उसकी वजह से ज़मीन (की मुसाफ़त (दूरी)) तय की जाती और उसकी बरकत से मुर्दे बोल उठते (तो भी ये लोग मानने वाले न थे) बल्कि सच यूँ है कि सब काम का एख्तेयार ख़ुदा ही को है तो क्या अभी तक ईमानदारों को चैन नहीं आया कि अगर ख़ुदा चाहता तो सब लोगों की हिदायत कर देता और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तेयार किया उन पर उनकी करतूत की सज़ा में कोई (न कोई) मुसीबत पड़ती ही रहेगी या (उन पर पड़ी) तो उनके घरों के आस पास (ग़रज़) नाज़िल होगी (ज़रुर) यहाँ तक कि ख़ुदा का वायदा (फतेह मक्का) पूरा हो कर रहे और इसमें शक़ नहीं कि ख़ुदा हरगिज़ ख़िलाफ़े वायदा नहीं करता
Wa laqadis tuhzi'a bi Rusulim min qablika fa amlaitu lillazeena kafaroo summa akhaztuhum fakaifa kaana 'iqaab
और (ऐ रसूल) तुमसे पहले भी बहुतेरे पैग़म्बरों की हॅसी उड़ाई जा चुकी है तो मैने (चन्द रोज़) काफिरों को मोहलत दी फिर (आख़िर कार) हमने उन्हें ले डाला फिर (तू क्या पूछता है कि) हमारा अज़ाब कैसा था
Afaman Huwa qaaa'imun 'alaa kulli nafsim bimaa kasabat; wa ja'aloo illlaahi shurakaaa'a qul samoohum; am tunabbi'oona hoo bimaa laa ya'lamu fil ardi; am bizaahirim minal qawl; bal zuyyina lillazeena kafaroo makruhum wa suddoo 'anis sabeel; wa mai yudlilil laaahu famaa lahoo min haad;
क्या जो (ख़ुदा) हर एक शख़्श के आमाल की ख़बर रखता है (उनको युं ही छोड़ देगा हरगिज़ नहीं) और उन लोगों ने ख़ुदा के (दूसरे दूसरे) शरीक ठहराए (ऐ रसूल तुम उनसे कह दो कि तुम आख़िर उनके नाम तो बताओं या तुम ख़ुदा को ऐसे शरीक़ो की ख़बर देते हो जिनको वह जानता तक नहीं कि वह ज़मीन में (किधर बसते) हैं या (निरी ऊपर से बातें बनाते हैं बल्कि (असल ये है कि) काफिरों को उनकी मक्कारियाँ भली दिखाई गई है और वह (गोया) राहे रास्त से रोक दिए गए हैं और जिस शख़्श को ख़ुदा गुमराही में छोड़ दे तो उसका कोई हिदायत करने वाला नहीं
Lahum 'azaabun fil hayaatid dunyaa wa la'azaabul Aakhirati ashaaq, wa maa lahum minal laahi min-waaq
इन लोगों के वास्ते दुनियावी ज़िन्दगी में (भी) अज़ाब है और आख़िरत का अज़ाब तो यक़ीनी और बहुत सख्त खुलने वाला है (और) (फिर) ख़ुदा (के ग़ज़ब) से उनको कोई बचाने वाला (भी) नहीं
Masalul Jannatil latee wu'idal muttaqoona tajree min tahtihal anhaaru ukuluhaa daaa'imunw wa zilluhaa; tilka uqbal lazeenat taqaw wa 'uqbal kafireenan Naar
जिस बाग़ (बेहश्त) का परहेज़गारों से वायदा किया गया है उसकी सिफत ये है कि उसके नीचे नहरें जारी होगी उसके मेवे सदाबहार और ऐसे ही उसकी छॉव भी ये अन्जाम है उन लोगों को जो (दुनिया में) परहेज़गार थे और काफिरों का अन्जाम (जहन्नुम की) आग है
Wallazeena aatainaa humul Kitaaba yafrahoona bimaa unzila ilaika wa minal Ahzaabi mai yunkiru ba'dah; qul innamaa umirtu an a'budal laaha wa laaa ushrika bih; ilaihi ad'oo wa ilaihi maab
और (ए रसूल) जिन लोगों को हमने किताब दी है वह तो जो (एहकाम) तुम्हारे पास नाज़िल किए गए हैं सब ही से खुश होते हैं और बाज़ फिरके उसकी बातों से इन्कार करते हैं तुम (उनसे) कह दो कि (तुम मानो या न मानो) मुझे तो ये हुक्म दिया गया है कि मै ख़ुदा ही की इबादत करु और किसी को उसका शरीक न बनाऊ मै (सब को) उसी की तरफ बुलाता हूँ और हर शख़्श को हिर फिर कर उसकी तरफ जाना है
Wa kazaalika anzalnaahu hukman 'Arabiyyaa; wa la'init taba'ta ahwaaa 'ahum ba'da maa jaaa'aka minal 'ilmi maa laka minal laahi minw waliyinw wa laa waaq
और यूँ हमने उस क़ुरान को अरबी (ज़बान) का फरमान नाज़िल फरमाया और (ऐ रसूल) अगर कहीं तुमने इसके बाद को तुम्हारे पास इल्म (क़ुरान) आ चुका उन की नफसियानी ख्वाहिशों की पैरवी कर ली तो (याद रखो कि) फिर ख़ुदा की तरफ से न कोई तुम्हारा सरपरस्त होगा न कोई बचाने वाला
Wa laqad arsalnaa Rusulam min qablika wa ja'alnaa lahum azwaajanw wa zurriyyah; wa maa kaana lirasoolin ai yaatiya bi aayatin illaa bi iznil laah; likulli ajalin kitaab
और हमने तुमसे पहले और (भी) बहुतेरे पैग़म्बर भेजे और हमने उनको बीवियाँ भी दी और औलाद (भी अता की) और किसी पैग़म्बर की ये मजाल न थी कि कोई मौजिज़ा ख़ुदा की इजाज़त के बगैर ला दिखाए हर एक वक्त (मौऊद) के लिए (हमारे यहाँ) एक (क़िस्म की) तहरीर (होती) है
Wa im maa nurriyannaka ba'dal lazee na'iduhum aw nata waffayannaka fa innamaa 'alaikal balaaghu wa 'alainal hisaab
और (ए रसूल) जो जो वायदे (अज़ाब वगैरह के) हम उन कुफ्फारों से करते हैं चाहे, उनमें से बाज़ तुम्हारे सामने पूरे कर दिखाएँ या तुम्हें उससे पहले उठा लें बहर हाल तुम पर तो सिर्फ एहकाम का पहुचा देना फर्ज है
Awalam yaraw annaa naatil arda nanqusuhaa min atraafihaa; wallaahu yahkumu laa mu'aqqiba lihukmih; wa Huwa saree'ul hisaab
और उनसे हिसाब लेना हमारा काम है क्या उन लोगों ने ये बात न देखी कि हम ज़मीन को (फ़ुतुहाते इस्लाम से) उसके तमाम एतराफ (चारो ओर) से (सवाह कुफ्र में) घटाते चले आते हैं और ख़ुदा जो चाहता है हुक्म देता है उसके हुक्म का कोई टालने वाला नहीं और बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है
Wa qad makaral lazeena min qablihim falillaahil makru jamee'aa; ya'lamu maa taksibu kullu nafs; wa sa ya'lamul kuffaaru liman 'uqbad daar
और जो लोग उन (कुफ्फार मक्के) से पहले हो गुज़रे हैं उन लोगों ने भी पैग़म्बरों की मुख़ालफत में बड़ी बड़ी तदबीरे की तो (ख़ाक न हो सका क्योंकि) सब तदबीरे तो ख़ुदा ही के हाथ में हैं जो शख़्श जो कुछ करता है वह उसे खूब जानता है और अनक़रीब कुफ्फार को भी मालूम हो जाएगा कि आख़िरत की खूबी किस के लिए है
Wa yaqoolul lazeena kafaroo lasta mursalaa; qul kafaa billaahi shaheedam bainee wa bainakum wa man 'indahoo 'ilmul Kitaab
और (ऐ रसूल) काफिर लोग कहते हैं कि तुम पैग़म्बर नही हो तो तुम (उनसे) कह दो कि मेरे और तुम्हारे दरमियान मेरी रिसालत की गवाही के वास्ते ख़ुदा और वह शख़्श जिसके पास (आसमानी) किताब का इल्म है काफी है