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بَارَكَ اللَّهُ لَكَ, وَبَارَكَ عَلَيْكَ, وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ
अल्लाह तेरे लिए बरकत दे, तुझ पर बरकत दे और तुम दोनों को भलाई पर इकट्ठा करे।) (1) ........................ (1) अबू दाऊद, हदीस संख्याः2130, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः1091, इब्ने माजा, हदीस संख्याः1905, नसाइ की अ़मलुल्-यौमे वल-लैलाःहदीस संख्याः259, देखिए सह़ीह़ तिर्मिज़ीः1/316
स्रोत: Abu Dawud, Ibn Majah, At-Tirmizi.