يَسْتَعِيذُ بِاللَّهِ, يَنْتَهِي عَمَّا وَسْوَسَ فِيهِ
(शैतान के वसवसे के समय) अल्लाह की पनाह माँगे (अर्थात "अऊज़ु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम" कहे) और जिस बात में वसवसा डाला जा रहा है उससे रुक जाए।
स्रोत: Al-Bukhari, Muslim 1/120.
खुशी और गम · 3 दुआएँ
يَسْتَعِيذُ بِاللَّهِ, يَنْتَهِي عَمَّا وَسْوَسَ فِيهِ
(शैतान के वसवसे के समय) अल्लाह की पनाह माँगे (अर्थात "अऊज़ु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम" कहे) और जिस बात में वसवसा डाला जा रहा है उससे रुक जाए।
स्रोत: Al-Bukhari, Muslim 1/120.
يَقُولُ: آمَنْتُ بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ
यह दुआ पढ़ेः (मैं ईमान लाया अल्लाह और उसके रसूलों पर।) (1) ................................. (1) मुस्लिमः1/119-20,हदीस संख्याः134
स्रोत: Muslim, 1/119-20.
يَقْرَأُ قَوْلَهُ تَعَالَى: ﴿هُوَ الْأوَّلُ وَالْآخِرُ وَالظّاهِرُ وَالْباطِنُ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ﴾
अल्लाह तआला का यह फ़रमान पढ़ेः (वही प्रथम है, वही अंतिम है, वही ज़ाहिर है, वही छिपा है और वह हर चीज़ को जानने वाला है।) (1) .................................. (1) सूरा ह़दीद, आयत संख्याः3, अबू दीऊदः4/329, ह़दीस संख्याः5110, शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः3/962 में ह़सन कहा है।
स्रोत: Al-Hadid 57:3, Abu Dawud 4/329.
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