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إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ, اللَّهُمَّ أْجُرْنِي فِي مُصِيبَتِي, وَأَخْلِفْ لِي خَيْرَاً مِنْهَا
निस्संदेह हम अल्लाह ही के हैं और निस्संदेह हम उसी की ओर लौटने वाले हैं। ऐ अल्लाह! मुझे मेरी मुसीबत में अज्र दे और मुझे इसके बदले इससे बेहतर अता कर।
स्रोत: Muslim 2/632.