1
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا, وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे इसकी भलई का सवाल करता हूं और इसकी बुराई से तेरी पनाह मांगता हूं।) (1) .................................... (1) अबू दाऊदः4/326 हदीस संख्याः5090 इब्ने माजाः2/128, हदीस संख्याः3727, देखिएः सह़ीह़ इब्ने माजाः2/305
स्रोत: Abu Dawud 4/326, Ibn Majah 2/1228.
2
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا, وَخَيْرَ مَا فِيهَا, وَخَيْرَ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ, وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا, وَشَرِّ مَا فِيهَا, وَشَرِّ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे सवाल करता हूं इसकी भलई का और उस चीज़ की भलई का जो इसमें है और उस चीज़ की भलई का जिसके साथ यह भेजी गई है और मैं तेरी पनाह मांगता हूं इसकी बुराई से और उस चीज़ की बुराई से जो इसमें है और उस चीज़ की जिसके साथ यह भेजी गई है।) (1) ................................... (1) मुस्लिमः2/666, ह़दीस संख्याः899 बुखारीः4/76, ह़दीस संख्याः3206, 4829, शब्द मुस्लिम के हैं।
स्रोत: Muslim 2/616, Al-Bukhari 4/76.