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أَسْتَوْدِعُ اللَّهَ دِينَكَ, وَأَمَانَتَكَ, وَخَوَاتِيمَ عَمَلِكَ
मैं तेरे दीन, तेरी अमानत औऱ तेरे अन्तिम कर्म को अल्लाह के ह़वाले करता हूं।) (1) ............................. (1) अह़मदः2/7 ह़दीस संख्याः4524, तिर्मज़ीः5/499 ह़दीस संख़्याः3443, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ तिर्मज़ीः3/419 में सह़ीह़ कहा है।
स्रोत: Ahmad 2/7, At-Tirmizi 5/499.