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الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي عَافَانِي مِمَّا ابْتَلاَكَ بِهِ, وَفَضَّلَنِي عَلَى كَثِيرٍ مِمَّنْ خَلَقَ تَفْضِيلاً
तमाम तारीफ़ उस अल्लाह के लिए है जिसने मुझे उस चीज़ से आफ़ियत दी जिसमें तुझे मुब्तला किया और उसने मुझे अपने पैदा किए हुए बहुत से लोगों पर फज़ीलत बख़शी।) (1) ......................... (1) तिर्मिज़ीः5/493-494 ,हदीस संख्याः3432, देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/153
स्रोत: At-Tirmizi 5/493,494.