1
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا, وَرَزَقَنِيهِ, مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلاَ قُوَّةٍ
तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे यह खाना खिलाया और मेरी किसी भी शक्ति के बिना मुझे यह खाना दिया।) (1) .......................... (1) अबू दाऊद, हदीस संख्याः4025, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः3458, इब्ने माजा, हदीस संख्याः3285, देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/159
स्रोत: At-Tirmizi, Abu Dawud, Ibn Majah.
2
الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْداً كَثِيراً طَيِّباً مُبَارَكاً فِيهِ, غَيْرَ [مَكْفِيٍّ وَلاَ ] مُوَدَّعٍ, وَلاَ مُسْتَغْنَىً عَنْهُ رَبَّنَا
तमाम तारीफ़ अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बरकत वाली तारीफ़, जिसे न काफी समझा गया है,न छोड़ा जा सकता है और न जिससे बेपरवाही बरती जा सकती है, ऐ हमारे रब!) (1) ............................. (1) बुखारीः6/214, ह़दीस संख्याः5458, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः5/507, ह़दीस संख्याः3456, शब्द तिर्मिज़ी के हैं।
स्रोत: Al-Bukhari 6/214, At-Tirmizi 5/507.