1
إِذَا دُعِيَ أَحَدُكُمْ فَلْيُجِبْ, فَإِنْ كَانَ صَائِماً فَلْيُصَلِّ, وَإِنْ كَانَ مُفْطِراً فَلْيَطْعَمْ, وَمَعْنَى فَلْيُصَلِّ أَيْ فَلْيَدْعُ.
जब तुम में से किसी को (खाने की) दावत दी जाए तो उसे क़बूल करना चाहिए, यदि वह रोज़ेदार हो तो उसे (दावत देने वाले के लिए) दुआ करनी चाहिए और अगर रोज़े से न हो तो उसे खाना चाहिए।) (1) ............................. (1) मुस्लिमः2/1054, ह़दीस संख्याः1150
स्रोत: Muslim 2/1054.