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رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
ऐ हमारे रब! हमें दुनिया और आख़िरत में भलाई अता फ़रमा और जहन्नम के अज़ाब से बचा।) (1) ................................... (1) अबू दाऊदः2/179, ह़दीस संख्याः1894, अह़मदः3/411, ह़दीस संख्याः15398, बग़वी की शरह़ुस-सुन्नाः7/128 और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः1/354 में ह़सन कहा है। आयत सूरा बक़राः201 की है।
स्रोत: Abu Dawud 2/179, Ahmad 3/411, Al-Baghawi Surah Al-Baqarah:201.