Noor
हिन्दी
Noor / दुआ / बीमारी और मृत्यु / रोगी को देखने जाने वाले के लिए

रोगी को देखने जाने वाले के लिए

बीमारी और मृत्यु · 2 दुआएँ

रोगी को देखने जाने वाले के लिए 0:00
सुनें
1

لاَ بأْسَ طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ

कोई ह़रज नहीं, अल्लाह ने चाहा तो यह बीमारी (गुनाहों से) पाक करने वाली है।) (1) .............................. (1) बुखारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः10/118, ह़दास संख्याः3616

स्रोत: Al-Bukhari.

2

أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفيَكَ (سبع مرات)

मैं बड़ी अ़ज़मत वाले अल्लाह से जो अर्शे अज़ीम का रब है सवाल करता हूं कि वह तुझे शिफा दे।) (सात बार) (1) ........................... (1) कोई मुसलमान ऐसे मरीज़ की बीमार पुर्सी करे, जिसकी मौत का समय न आ पहुंचा हो और सात बार यह दुआ पढ़े तो अल्लाह के ह़ुक्म से उसे शिफ़ा मिल जाती है।) तिर्मज़ी ह़दीस संख़्याः2083, अबू दीऊद ह़दीस संख्याः3106,और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः2/210 और सह़ीह़ुल-जामेः5/180

स्रोत: At-Tirmizi, Abu Dawud.