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إِذَا سَمِعْتُمْ نُبَاحَ الْكِلاَبِ وَنَهِيقَ الْحَمِيرِ بِاللَّيْلِ فَتَعَوَّذُوا بِاللَّهِ مِنْهُنَّ؛ فَإِنَّهُنَّ يَرَيْنَ مَا لاَ تَرَوْنَ
जब तुम रात के वक्त कुत्तों के भोंकने और गधों के हींगने की आवाज़ सुनो तो उनसे अल्लाह की पनाह मांगो, क्योंकि वह ऐसी चीजें देखते हैं जिन्हें तुम नहीं देखते।) (1) ................................. (1) अबू दाऊदः4/327, ह़दीस संख्याः5105, अह़मदः3/306, ह़दीस संख्याः14283, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः3/961 में सह़ीह़ कहा है।
स्रोत: Abu Dawud 4/327, Ahmad 3/306.