Noor
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Noor / क़ुरआन / अल-अस्र
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अल-अस्र — समय

العَصۡرِ
मक्की आयत 3
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

وَٱلْعَصْرِ

Wal' asr

नमाज़े अस्र की क़सम

आयत 2

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَفِى خُسْرٍ

Innal insaana lafee khusr

बेशक इन्सान घाटे में है

आयत 3

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلصَّبْرِ

Il lal lazeena aamanu wa 'amilus saali haati wa tawa saw bil haqqi wa tawa saw bis sabr

मगर जो लोग ईमान लाए, और अच्छे काम करते रहे और आपस में हक़ का हुक्म और सब्र की वसीयत करते रहे