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Noor / क़ुरआन / अश-शरह
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अश-शरह — खोलना

الشَّرۡحِ
मक्की आयत 8
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ

Alam nashrah laka sadrak

(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

आयत 2

وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ

Wa wa d'ana 'anka wizrak

और तुम पर से वह बोझ उतार दिया

आयत 3

ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ

Allazee anqada zahrak

जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

आयत 4

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ

Wa raf 'ana laka zikrak

और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

आयत 5

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا

Fa inna ma'al usri yusra

तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

आयत 6

إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا

Inna ma'al 'usri yusra

यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

आयत 7

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ

Fa iza faragh ta fansab

तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

आयत 8

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب

Wa ilaa rabbika far ghab

और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो