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اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلاَ عَلَيْنَا, اللَّهُمَّ عَلَى الآكَامِ وَالظِّرَابِ, وَبُطُونِ الْأَوْدِيَةِ, وَمَنَابِتِ الشَّجَرِ
ऐ अल्लाह! हमारे आस-पास बारिश बरसा और (अब) हम पर न बरसा। ऐ अल्लाह! टीलों पर, पहाड़ियों पर, वादियों के बीच और पेड़ों के उगने की जगहों पर बारिश बरसा।) (1) ............................. (1) बुखारीः1/224, ह़दीस संख्याः933, मुस्लिमः2/614, ह़दीस संख्याः897
स्रोत: Al-Bukhari 1/224, Muslim 1/614