سَجَدَ وَجْهِيَ لِلَّذِي خَلَقَهُ, وَشَقَّ سَمْعَهُ وَبَصَرَهُ بِحَوْلِهِ وَقُوَّتِهِ, ﴿فَتَبارَكَ اللَّهُ أَحْسَنُ الْخَالِقِينَ﴾
मेरे चेहरे ने उस ज़ात के लिए सजदा किया, जिसने उसे पैदा किया और अपनी ताक़त एवं शक्ति से उसके कान में सूराख़ और आंखों के शिग़ाफ़ बनाए।[बहुत बरकत वाला है अल्लाह, जो तमाम बनाने वालों से अच्छा है।]) (1) ..................... (1) तिर्मिज़ीः2/474,हदीस संख्याः3425, अह़मदः6/30, हदीस संख्याः24022, हाकिम ने इसे रिवायत करके सह़ीह़ कहा है औऱ इमाम ज़ह्बी ने इस बात की पुष्टि की है 1/220, और [बहुत बरकत वाला है अल्लाह, जो तमाम बनाने वालों से अच्छा है।] की वृद्धि भी ह़ाकिम की है। और आयत के लिए देखिए सूरा मोमिनूनः14
स्रोत: At-Tirmizi 2/474, Ahmad 6/30, Al-Hakim