Noor
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Noor / क़ुरआन / अज़-ज़लज़ला
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अज़-ज़लज़ला — भूकंप

الزَّلۡزَلَةِ
मदनी आयत 8
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا

Izaa zul zilatil ardu zil zaalaha

जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी

आयत 2

وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا

Wa akh rajatil ardu athqaalaha

और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी

आयत 3

وَقَالَ ٱلْإِنسَٰنُ مَا لَهَا

Wa qaalal insaanu ma laha

और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है

आयत 4

يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا

Yawmaa izin tuhad dithu akhbaaraha

उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी

आयत 5

بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا

Bi-anna rabbaka awhaa laha

क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा

आयत 6

يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَٰلَهُمْ

Yawma iziy yas durun naasu ash tatal liyuraw a'maalahum

उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे

आयत 7

فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ

Famaiy ya'mal mithqala zarratin khai raiy-yarah

तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा

आयत 8

وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ

Wa maiy-y'amal mithqala zarratin sharraiy-yarah

और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा