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Noor / क़ुरआन / अल-आदियात
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अल-आदियात — दौड़ने वाले

العَادِيَاتِ
मक्की आयत 11
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

وَٱلْعَٰدِيَٰتِ ضَبْحًۭا

Wal'aadi yaati dabha

(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम

आयत 2

فَٱلْمُورِيَٰتِ قَدْحًۭا

Fal moori yaati qadha

जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं

आयत 3

فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًۭا

Fal mugheeraati subha

फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं

आयत 4

فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًۭا

Fa atharna bihee naq'a

(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं

आयत 5

فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا

Fawa satna bihee jam'a

फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

आयत 6

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌۭ

Innal-insana lirabbihee lakanood

(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है

आयत 7

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌۭ

Wa innahu 'alaa zaalika la shaheed

और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है

आयत 8

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ

Wa innahu lihubbil khairi la shadeed

और बेशक वह माल का सख्त हरीस है

आयत 9

۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ

Afala ya'lamu iza b'uthira ma filquboor

तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे

आयत 10

وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ

Wa hussila maa fis sudoor

और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे

आयत 11

إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍۢ لَّخَبِيرٌۢ

Inna rabbahum bihim yauma 'izil la khabeer

बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा