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بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا, وَبِسْمِ اللَّهِ خَرَجْنَا, وَعَلَى اللَّهِ رَبِّنَا تَوَكَّلْنَا, ثُمَّ لِيُسَلِّمْ عَلَى أَهْلِهِ
अल्लाह के नाम से हम दाखिल हुए, अल्लाह के नाम के साथ निकले और अपने रब अल्लाह ही पर हमने भरोसा किया। फिर वह अपने घर वालों को सलाम करे।) (1) ..................... (1) अबू दाऊदः4/325, हदीस संख्याः5095, अल्लामा इब्ने बाज़ ने तोह़फ़तुल-अख़्यार पृष्ठः28 मेंं इसकी सनद को ह़सन कहा है, और सह़ीह़ मुस्लिम में हैः (जब आदमी अपने घर में दाखिल होते समय और खाना खाते समय अल्लाह का ज़िक्र करता है तो शैतान कहता हैः तुम्हारे लिए रात बिताने की जगह है न खाना।) मुस्लिम. हदीस संख्याः2018
स्रोत: Abu Dawud 4/325.