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بِسْمِ اللَّهِ, تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ, وَلَاَ حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ
अल्लाह के नाम से। मैंने अल्लाह पर भरोसा किया और अल्लाह की मदद के बिना न किसी चीज़ से बचने की हिम्मत है, न कुछ करने की शक्ति।) (1) ...................... (1) अबू दाऊदः4/325, हदीस संख्याः5095, तिर्मिज़ीः5/490,हदीस संख्याः3426, देखिएः सह़ीह़ तिर्मिजीः3/151
स्रोत: Abu Dawud 4/325, At-Tirmizi 5/490, Al-Albani, Sahih At-Tirmizi 3/151
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اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ أَنْ أَضِلَّ, أَوْ أُضَلَّ, أَوْ أَزِلَّ, أَوْ أُزَلَّ, أَوْ أَظْلِمَ, أَوْ أُظْلَمَ, أَوْ أَجْهَلَ, أَوْ يُجْهَلَ عَلَيَّ
ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूं इस बात से कि गुमराह हो जाऊं या मुझे गुमराह किया जाए, मैं फिसल जाऊं या मुझे फिसलाया जाए, मैं किसी पर ज़ुल्म करूं या मुझ पर ज़ुल्म किया जाए या मैं किसी पर जिहालत व नादानी करूं या कोई मुझ पर जिहालत व नादानी करे।) (1) ........................ (1) अबू दाऊद, हदीस संख्याः5094, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः3427, नसाई, हदीस संख्याः5501, इब्ने माजा, हदीस संख्याः3884 और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिजीः3/152, सह़ीह़ इब्ने माजाः2/336
स्रोत: Abu Dawud, Ibn Majah, An-Nasa'i, At-Tirmizi, Al-Albani, Sahih At-Tirmizi 3/152, Sahih Ibn Majah 2/336