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Noor / क़ुरआन / अल-फ़लक़
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अल-फ़लक़ — प्रभात

الفَلَقِ
मक्की आयत 5
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ

Qul a'uzoo bi rabbil-falaq

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की

आयत 2

مِن شَرِّ مَا خَلَقَ

Min sharri ma khalaq

हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ

आयत 3

وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ

Wa min sharri ghasiqin iza waqab

और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए

आयत 4

وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ

Wa min sharrin-naffaa-thaati fil 'uqad

और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से

आयत 5

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

Wa min shar ri haasidin iza hasad

(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से