Noor
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Noor / क़ुरआन / अल-मसद
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अल-मसद — रस्सी

المَسَدِ
मक्की आयत 5
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सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

आयत 1

تَبَّتْ يَدَآ أَبِى لَهَبٍۢ وَتَبَّ

Tab bat yadaa abee Lahabinw-wa tabb

अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए

आयत 2

مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُۥ وَمَا كَسَبَ

Maa aghna 'anhu maaluhu wa ma kasab

(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया

आयत 3

سَيَصْلَىٰ نَارًۭا ذَاتَ لَهَبٍۢ

Sa yas laa naran zaata lahab

वह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा

आयत 4

وَٱمْرَأَتُهُۥ حَمَّالَةَ ٱلْحَطَبِ

Wam ra-atuh hamma latal-hatab

और उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती है

आयत 5

فِى جِيدِهَا حَبْلٌۭ مِّن مَّسَدٍۭ

Fee jeediha hab lum mim-masad

और उसके गले में बटी हुई रस्सी बँधी है