1
سُبْحانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ (ثلاث مرات)
मेरा महान रब पाक है।) तीन बार पढ़े। (1) ................... (1) अबू दाऊद, हदीस संख्याः870, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः262, नसाई, हदीस संख्याः1007, इब्ने माजा, हदीस संख्याः897, अह़मद, हदीस संख्याः3514, और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिजीः1/83
स्रोत: Abu Dawud, Ibn Majah, An-Nasa'i, At-Tirmizi, Ahmad, Sahih At-Tirmizi (Al-Albani) 1/83.
2
سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ رَبَّنَا وَبِحَمْدِكَ, اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي
पाक है तू ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! और हर प्रकार की तारीफ़ तेरे ही लिए है। ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे।) (1) ................... (1) बुख़ारी हदीस संख्याः794, मुस्लिम हदीस संख्याः484, दुआ संख्याः34 में ये रिवायत गुज़र चुकी है।
स्रोत: Al-Bukhari 1/99, Muslim 1/350.
3
سُبُّوُحٌ, قُدُّوسٌ, رَبُّ المَلاَئِكَةِ وَالرُّوحِ
अत्यधिक पवित्र एवं पुणीत है फ़रिश्तों तथा रूह़ (जिब्राईल) का रब।) (1) ................. (1) मुस्लिमः1/353, हदीस संख्याः487, अबू दाऊदः1/230, हदीस संख्याः872, दुआ संख्याः35 में ये रिवायत गुज़र चुकी है।
स्रोत: Muslim 1/353, Abu Dawud 1/230.
4
اللَّهُمَّ لَكَ رَكَعْتُ, وَبِكَ آمَنْتُ, وَلَكَ أَسْلَمْتُ, خَشَعَ لَكَ سَمْعِي, وَبَصَرِي, وَمُخِّي, وَعَظْمِي, وَعَصَبِي, [وَمَا استَقَلَّتْ بِهِ قَدَمِي]
ऐ अल्लाह! मैं तेरे ही लिए झुका (रुकूअ़ किया), तुझी पर ईमान लाया, तेरा ही फ़रमांबरदार बना और तेरे लिए झुक गए मेरे कान, मेरी आंखें, मेरा मग़्ज़ (भेजा), मेरी हड्डियां, मेरे पट्ठे, [और मेरा पूरा बदन जिसे मेरे दोनों पैर उठाए हुए हैं।]) (1) ................... (1) मुस्लिमः1/534, हदीस संख्याः771, अबू दाऊद, हदीस संख्याः760,761, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः3421, नसाई, हदीस संख्याः1049,दोनों कोष्ठों के बाच का भाग इब्ने ख़ुज़ैमा, हदीस संख्याः607 औऱ इब्ने ह़िब्बान, हदीस संख्याः1901 का है।
स्रोत: Muslim 1/534, Abu Dawud, An-Nasa'i, At-Tirmithi.
5
سُبْحَانَ ذِي الْجَبَرُوتِ, وَالْمَلَكُوتِ, وَالْكِبْرِيَاءِ, وَالْعَظَمَةِ
पाक है अत्यधिक शक्ति रखने वाला, बड़े मुल्क वाला और बड़ाई तथा अ़ज़्मत वाला (अल्लाह)।) (1) ................... (1) अबू दाऊदः1/230, हदीस संख्याः873, नसाई, हदीस संख्याः1131, अह़मद, हदीस संख्याः23980, अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः1/166 में सह़ीह़ कहा है। दुआ संख्याः37 में ये रिवायत गुज़र चुकी है।
स्रोत: Abu Dawud 1/230, An-Nasa'i, Ahmad.