आयत 1
قُلْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلْكَٰفِرُونَ
Qul yaa-ai yuhal kaafiroon
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
قُلْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلْكَٰفِرُونَ
Qul yaa-ai yuhal kaafiroon
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों
لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ
Laa a'budu ma t'abudoon
तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता
وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ
Wa laa antum 'aabidoona maa a'bud
और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते
وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ
Wa laa ana 'abidum maa 'abattum
और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं
وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ
Wa laa antum 'aabidoona ma a'bud
और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ
Lakum deenukum wa liya deen.
तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन